નારાણપર : नाराणपर : NARANPAR

: નારાણપર :
નારાણપર : नाराणपर : NARANPAR
તાલુકા : અબડાસા, જિલ્લા : કચ્છ ગુજરાત.
(વાયા : ડુમરા કચ્છ પીન : ૩૭૦૪૯૦)
આજ સોમવાર તારીખ ૮મી ઓક્ટોબર, ૨૦૧૨ના રોજ આ બ્લોગ બનાવેલ છે.
આ બ્લોગ ઉપર ગામનો ઈતીહાસ, માહીતી, શાળા, ગામની સંસ્થાઓ, પ્રવૃત્તીઓ, ગ્રામ પંચાયતની વીગતો, ઈત્તર પ્રવૃત્તીઓ અને ફોટાઓ મુકવામાં આવશે.
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Monday, 8 December 2014

नाराणपुरना देरासर शिखर अने रंगमंडप वीशे बे दिवस पहेलां थोडुक लखेल. 26.01.2001ना भुकंप वखते देरासरजीना शीखर के गर्भग्रुहमां काईज नुकशान थयेल नहीं पण रंगमंडपने नुकशान थयेल.

नाराणपुरना देरासर शिखर अने रंगमंडप वीशे बे दिवस पहेलां थोडुक लखेल. 26.01.2001ना भुकंप वखते देरासरजीना शीखर के गर्भग्रुहमां काईज नुकशान थयेल नहीं पण रंगमंडपने नुकशान थयेल. 

सोमपुराओए 6 थी 20 लाखनो अंदाज बतावेल. एवी अफवा पण हती के शीखर अने प्रतीमाने नुकशान थयेल छे. आपणे सुज बुजथी कोईपण आसातना वगर रंगमंडपने रीपेर करेल छे. पुजा पाठ नियमित ए वखते अने आजे पण थाय छे.

हवे शीखरना पत्थर अने ध्वजदंड वीशे थोडीक माहिती.

दहेरासरजीमां 2009नी प्रतिष्ठा पहेलां पार्श्वनाथ मुळ नायक हता एने ए वखते गोरजी वगेरेनी सलाह प्रमाणे चंद्राप्रभुने मुळ नायक बेसाळेल. कच्छना घणां गामोमां जेमके नांगलपुर, नरेडी, डुमरा, नाराणपुर वगेरेमां चंद्राप्रभुने मुळनायक तरीके बेसाळेल अने पार्श्वप्रभुने परोणा तरीके राखेल.

एना पछी लगभग दरेक मींटींगमां बे चर्चा मुख्य रहेती. एक के पार्श्वनाथ प्रभुने परोणा राखेल छे पछी जल्दी एने योग्य जग्याए मोकलो अथवा वीधी प्रमाणे एनो अंत करो. बीजी चर्चा ए रहेती के मुळ पार्श्वनाथ भगवानने चंद्रप्रभुनी जेम समकक्ष राखवा अने क्यांये मोकलवा नहीं. आ बन्ने चर्चा घणां वरसो एटलेके संवत 2009 थी संवत 2045 सुधी महत्वनी रही.

पछी एक निष्णांते सुचन बतावेल के देरासरजीना शीखरमां घणीं जग्या छे. अने शीखरमां मंदिर बनावी पार्श्वनाथ प्रभुने पधराववा. आ सुचन घणोज व्यवहारु तेमज ओछा खरचमां थई जाय एम हतुं. एटले संवत 2047मां 26.05.1991ना प्रतिष्ठा करी पार्शवनाथने शिखरजीमां पधरावेल. ध्वज दंड के धजामां कांईज फेरफार करेल न होवाथी वर्षगांठनी तीथि मागसर सुदि 11 ज राखवामां आवेल.

आ अगाउ लाकडानो ध्वज दंड हतो एने धातु एटलेके पितळमां फेरवेल त्यारे शुं अने कोणे केवी रीते करेल छे ए नोंध जोवा मळती नथी एटले मागसर सुदि 11ना दिवसे फेरफार करेल हशे एम समजी लेवुं.

एवीज रीते शीखरमां ध्वजदंड नो पत्थर जे छे ए लागे छे पहेलेथी बे टुकडामां हतो. संवत 1952 (ई.स. 1895) पहेलां देरासरजी बनावती वखते आटले उंचे बे टुकडामां उपर लई जई बेसाडेल हसे. पण घणां वरसोना तडका छायडा अने कच्छनी आबोहवाने कारणे ए पत्थरनो सांधो देखावा लाग्यो छे.

हवे काचना बे टुकडाने जोडी मुळ जेवा बनावी शकाय एवा केमीकल आवे छे. आपणां देरासरजीमां राखोडी पत्थरनो उपयोग करेल छे अने ए पत्थरनी लाईफ अमुक वरस पछी घटती जाय छे. एटले के वरसाद, तडको क्च्छनी आबोहवाने कारणे राख बहार नीकळी आवे छे. एटले पत्थर नरम बनी जाय छे टांकणांथी कोतरीए तो पत्थरमांथी राख नीकळी शके. 

रंगमंडपनी बहार घंट छे ए वगाडवानुं आपणे बंध करेल कारण के ए जग्याए पत्थरने वधु नुकशान थाय छे. घंट नादथी नुकशान चालु रहे छे. शिखरमां जे पत्थर छे एनी पण लाईफ अमुक समय सुधी ज होय छे.
एटलेके शीखरना ध्वज दंडनो पत्थर मुळ रीते बरोबर थई जाय तो ध्वज दंडनी वीधि एक दिवसमां थई जाय अने वर्षगांठ मागसर सुदि 11 राखी एक ज दिवसमां अढार अभिषेक सत्तर भेदि पुजा अने ध्वज दंड प्रतिष्ठा थई शके. कोई मुर्हरत, ज्योतिष, सोमपुरा, रुषिमुनि, आचार्यने बताववानी जरुर न पडे. कोई चोगडिया के मुहरतनी जरुर न पडे.

मित्रो आ एक विचार छे. गाममां छेल्ला 20-25 वरसथी जैनोए माल मिल्कत जमीन छोडी दीधेल छे. एटले आव जवानुं ओछुं करी नाखेल छे. हाले गाममां मुख्य अटक प्रमाणे जोईए तो वोरानुं माताजी स्थान वरंडीमां छे. काराण नुखना भाविकोनुं स्थान डुमरामां छे अने नागडा भाविकोनुं स्थान नाराणपुरमां पहले थी छे. वोरा नुखना भाविको पोडषा दादा के चीड जुहार छेडा छेडी माटे जाय छे ए पण डुमरा के वरंडी रहेवानुं राखी वीधि करे छे. काराणी नुखना भाविको डुमरामां रही बधी वीधि डुमरा करी ले छे. नागडा नुखना भाविको वीधि नाराणपुरमां करे छे रहेवा माटे नाराणपुर के डुमरामां व्यवस्था करे छे. पोस्ट मोटी थती जाय छे एटले आजे आटला वीचार..

Sunday, 7 December 2014

नाराणपुर जैन संघनी दरेक रसीदनी पाछळ दहेरासरजीनो थोडोक ईतिहास लखेल होय छे जेमां थोडीक वधारे माहिती नीचे प्रमाणे छे.


नाराणपुर जैन संघनी दरेक रसीदनी पाछळ दहेरासरजीनो थोडोक ईतिहास लखेल होय छे जेमां थोडीक वधारे माहिती नीचे प्रमाणे छे.

श्री विक्रम संवत 1921मां श्रे पार्श्वनाथ प्रभुने नाराणपुर गाममां पधराववामां आवेल अने त्यार बाद 31 वर्षे संवत 1952मां मागसर सुदि पांचमने गुरुवार एटले के तारीख 21.11.1895ना संघ तरफथी शिखरबद्ध जिनमंदिरनुं निर्माण करी पार्श्वप्रभु आदि जिनबिंबोने गादीनशीन करी प्रतिष्ठा थई हती. 

संवत 2009मां मागसर सुदि 11ने गुरुवार तारीख 27.11.1952 जिनालयनो जिर्णोद्धार करावी संघे चंद्रप्रभु स्वामीने मुळनायक तरीके बीराजमान करी पुनः प्रतिष्ठा करावे हती. एटले के संवत 2009 ई.स. 1952मां धजा महोत्सव उजवेल अने एने प्रथम धजा कहीए तो 02.12.2014ना दिवसे 62 + 1 =63मी धजा हती. 

शिखर बद्ध जिनमंदिरने 2014-1895 = 119 वरस थई गया अने 120मुं वरस चाले छे. 

आ जिनालयनो फरीथी जिर्णोद्धार करावी मंदिरना शिखरमां पार्श्वनाथ प्रभुने उच्च स्थाने बिराजमान करी संवत 2047ना द्धितिय वैशाख सुदि 13ने रविवार तारीख 26.05.1991ना पुनः प्रतिश्ठा करावी हती. 

मंदिरनो ध्वज दंड जे पहेलां लाकडानो हतो एने पछी धातुनो लगाडेल छे. तारीख 26.01.2001ना भुकंप वखते मंदिरने घणुं नुकशान थयेल.

पुजा पाठ नियमित चालु राखी चारे बाजुथी गामना ईजनेरो द्वारा आधुनिक पद्धतिथी समारकाम करेल. एटलेके श्रे रवि जैन, हेमंत वोरा, नविन वोरा, मनोज वोरा, वीके वोरा, रमेश काराणी वगेरेए मुलुन्ड, मांटुगा अने वीले पार्ला जैन संघो द्वारा मळेल आर्थिक मददथी मंदिरने नुतन जेवुं बनावेल छे. 

मंदिरना शिखरमां ध्वज दंड लगाडेल छे ए पत्थरने पहेलेथी नुकशान थयेल छे तथा हजी घणांनुं कहेवुं छे के ध्वज दंड बदलाववो जोईए. 

गामना ईजनेरो, सोमपुरा, ज्योतिषीओ, रुषी मुनीओ आचार्य वगेरेनो सहकार लई ध्वज दंड के शिखर पत्थरने नवीन बनावी शकाय. 

मंदिर उपर धजा बदलावती वखते कठोडो पहेलेथी न हतो ए कठोडो 2001ना भुकंप पछी रवीभाई जैन वगेरेनी मेहनतथी थयेल छे एटले हवे धजा सहेलाईथी बदलावी शकाय छे.

Wednesday, 3 December 2014

अहेवाल

अहेवाल

रवीवार 30.11.2014ना सवारना वरंडी मुकामे नमता वोरा नुखना भाईओनी मानव सेवा संघ शायन, कींग सर्कल मध्ये पहेडी हती. त्यारे नारणपुरना वोराओ भेगा थयेल. आज रवीवारे नाराणपुरना थोडाक जण मुंबई वान्द्रा थी बपोरनी 2:50 वाग्यानी सयाजी एक्सप्रेस गाडीमां मुंबई थी क्च्छ जाय छे. लगबग 30 टीकीट हती. एमांथी दस जणां पोताना अन्य कामकाजना कारणे आवी न शकेल अने टीकीट रद्द करावेल. गाडी उपडी ए वखते 13 जणां हाजर रहेल एटले बीजा सात जणां आवी शकेल नहीं.

सोमवार 01.12.2014ना सवारना 05:30 वागे गाडी गांधीधाम पहोंची. बे गाडीमां बधा गांधीधामथी भद्रेसर गया अने नाही धोई पुजा पाठ नवकारसी करी सवारना 8:30 वागे भद्रेसरथी नाराणपुर जवा शरुआत करी. वचमां वडाला, डोण थई बपोरे 72 जिनालयमां भोजन वीधी करी.

72 जिनालयथी गोधरा गया. वीधिकार अने वीधिनो सामान वासण वगेरे भेगा करी नाराणपुर आव्या.

नाराणपुर आवी दर्शन करी सांजे डुमरा आव्या अने डुमरामां रात्री रोंकाण करेल. डुमरामां काराणी परीवारना माताजीना मंदिरमां भक्ति भावना करी. डुमरामां पधारेल साध्वी महाराजने विनंत्ति करी अने मंगळवारना नाराणपुरमां धजा प्रसंगे हाजरी आपवा आमंत्रण आपेल. मंगळवारना मौन एकादसी अने बीजा कारणसर महारज साहेबे जणावेल के जरुर योग्य करीशुं.

मंगळवार 02.12.2014ना सवारना वहेला उठी नाराणपुर आव्या. बीजी गाडीमां पण आव्या. पहेली गाडी पाछी डुमरा जई बीजा महेमान वगेरेने लई आवी अने समाचार आपेल के साध्वी महाराज साहेब ठाणा बे डुमराथी नारणपुर आवे छे.

मंगळवार 02.12.2014ना धामधुमथी वाजते गाजते पुजा अने अढार अभिषेक वीधि करेल अने धजा महोत्सव उजवेल. केमेराथी 1000 फोटा पाडवानो कार्यक्र्म हतो. पण ड्युरेबल सेल जे 200 फोटा चाले एम समजी लीधेल ए सेलनी गणत्रीमां भुल थई गयेल. दरेक 50-70 फोटा पछी केमेरानी बेटरी सुचना आपती हती के बेटरी खतम थई गई छे अने फोटा पाडवानी वीधि धीमी पडी गई.

केमेरा अने स्मार्ट फोनथी कुल्ल 300 फोटा पाडेल एमांथी जे फोटा झांखा अने आडा अवडा के अधुरा हता ए केन्सल करी 239 फोटाओ नेट उपर मुकेल छे. वीडीयो काढेल छे पण नेट उपर मुकवानी वीधि बाकी छे.

देरासरजीनी वर्षगांठ धजा महोत्सव उजवी डुमरा आव्या अने सांजे डुमरा गोधरा थई भुज आव्या. सांजनी 07:50 ट्रेनमां बेसी भुजथी मुंबई बाजु प्रयाण कर्युं. बुधवार सवारना 11:30 वागे बधा मुंबई वान्द्रा पहोंची आव्या.

मुंबईथी तेर जणां हता पछी नाराणपुरना बे कुटुंबना पांच जण साथे जोडाया आम नाराणपुरना 18 जण हता. मुख्य भाईलाल भाई काराणीना कुटुंबीजनो, प्रेमजी वेलजी काराणीना कुटुंबीजनो, गोवींदजी वेलजी काराणीना कुटुंबीजनो, कोरशी पालण काराणीना कुटुंबीजनो, भाईलाल भाई काराणीना वेवाईना कुटुंबीजनो, डुमरा तथा गोधराथी महेमान अने साध्वी महाराजनी ठाणा बे प्रसंगनी शोभामां हाजरी आपेल. वीधिकार अने मंडळीए संगीतना सथवारे ठाठ माठथी अभिषेक अने पुजानी वीधि करेल.

गामनी शाळाना विध्यार्थीओ अने गामजनोए हाजरी आपेल. गामना सरपंचे पण हाजरी आपेल.








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नाराणपुर - देरासर वर्षगांठ, धजा महोत्सव. मंगळवार तारीख ०२-१२-२०१४. अहेवाल अने फोटाओ. मुंबई वान्द्रा, गांधीधाम, भद्रेसर, वडाला, डोण, ७२ जिनालय, गोधरा, नाराणपुर, डुमरा.....फोटाओ ००१ थी ०४०, ०४१ थी ०८०, ०८१ थी १२०, १२१ थी १६०, १६१ थी २००, २०१ थी २४०. वीडीओ सहीत.....

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नाराणपुर - देरासर वर्षगांठ, धजा महोत्सव. मंगळवार तारीख ०२-१२-२०१४. अहेवाल अने फोटाओ. मुंबई वान्द्रा, गांधीधाम, भद्रेसर, वडाला, डोण, ७२ जिनालय, गोधरा, नाराणपुर, डुमरा.....फोटाओ ००१ थी ०४०, ०४१ थी ०८०, ०८१ थी १२०, १२१ थी १६०, १६१ थी २००, २०१ थी २४०. वीडीओ सहीत.....